ये हैं राजस्थान विधानसभा की महिला विधायक और मंत्री

खास खबर राजस्थान 03 फरवरी 2019

आज हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी का आंकड़ा पुरुषों के बराबर पहुंच रहा है। चाहे वह बिजनेस सेक्टर हो या बैंकिंग सेक्टर खेल का मैदान हो या जंग का मैदान अब हर क्षेत्र में महिलाएं अपना परचम लहरा रही है। लेकिन राजनतिक क्षेत्र की बात करें तो इसमें महिलाओं की भागीदारी के आंकड़ों में घटत-बढ़त देखने को मिल रही है। पिछले साल ही राजस्थान में 15वीं विधानसभा के चुनाव हुए है।

200 विधानसभा सीट पर संपन्न हुए इन चुनावों में भी पार्टियों ने महिला उम्मीदवारों को बढ़चढ़कर टिकिट दिया। दोनों पार्टियों ने इस बार कुल 51 महिलाओं को राजस्थान के चुनावी मैदान में उतारा। इनमें भाजपा ने 24 महिलाओं और कांग्रेस ने 27 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया था। राजस्थान की विधानसभा में अब कुल 24 महिला उम्मीदवार है। राजस्थान विधानसभा में महिला विधायकों और मंत्रियों की लिस्ट इस प्रकार है-

सूर्यकांता व्यास

15वीं विधानसभा में जोधपुर के सूरसागर से जीत हासिल करने वाली भाजपा की सूर्यकांता व्यास छठी बार विधायक बनी है। विधानसभा में वे सबसे बुजुर्ग महिला विधायक है जो सबसे ज्यादा बार विधायक चुनी गई है।

वसुंधरा राजे

भाजपा की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालरापाटन विधानसभा क्षेत्र से जीत दर्ज कराई है। ये चौथी बार है जब वसुंधरा राजे विधानसभा में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है।

अनिता भदेल

15वीं विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अनिता भदेल ने अजमेर नॉर्थ सीट पर लगातार तीसरी बार जीत हासिल की है। अनिता भदेल इसी सीट से चार बार विधायक रही है।

सिद्धि कुमारी

सिद्धि कुमारी बीकानेर ईस्ट से भाजपा विधायक है। सिद्धि कुमारी तीसरी बार विधायक बनी है।

किरण माहेश्वरी

भाजपा पार्टी की किरण माहेश्वरी राजसमंद सीट से राज्य विधानसभा में जगह बनाई है। किरण माहेश्वरी तीसरी बार विधायक चुनी गई है

चंद्रकांता मेघवाल  

चंद्रकांता मेघवाल भाजपा से रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा है। जिसमें चंद्रकांता ने जीत हासिल कर विधानसभा में जगह बनाई है। चंद्रकांता तीसरी बार विधायक चुनी गई है।

शोभारानी कुशवाह

भाजपा उम्मीदवार शोभारानी कुशवाह धौलपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनी है। शोभारानी दूसरी बार विधायक बनी है।

इंदिरा देवी

खिवंसर से विधायक और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक हनुमान बेनिवाल की पार्टी से नवनिर्वाचित इंदिरा देवी विधानसभा में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही है। इंदिरा मेड़ता विधानसभा क्षेत्र से पहली बार विधायक बनी है।

इंद्रा मीना

कांग्रेस से इंद्रा मीना विधानसभा क्षेत्र बामनवास से विधायक है।

शकुंतला रावत

शकुंतला रावत कांग्रेस पार्टी से बानसूर विधानसभा क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक है।

रमीला खड़िया

निर्दलीय रमीला खड़िया ने कुशलगढ़ सीट से विधायक चुनी गई है।

जाहिदा खान

कांग्रेस पार्टी की जाहिदा खान कामां विधानसभा क्षेत्र से विधायक है। जाहिदा पिछली बार गहलोत सरकार में मंत्री रही थी।

कृष्णा पूनिया

कांग्रेस पार्टी की कृष्णा पूनिया सादुलपुर विधानसभा सीट से विधायक है।

ममता भूपेश

कांग्रेस पार्टी की ममता भूपेश सिकराय विधानसभा क्षेत्र से विधायक है। गहलोत मंत्रिमंडल में ममता को महिला एवं बाल विकास मंत्री बनाया गया है।

संतोष

भाजपा से संतोष अनूपगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

गंगा देवी

कांग्रेस पार्टी की गंगा देवी बगरू विधान सभा क्षेत्र से विधायक हैं।

मीना कंवर

कांग्रेस पार्टी की मीना कंवर शेरगढ़ विधानसभा से नवनिर्वाचित विधायक है।

कल्पना देवी

कांग्रेस से बागी हुई कल्पना देवी भाजपा के टिकट पर कोटा के लाडपुरा से विधायक है।

मनीषा पंवार

कांग्रेस से मनीषा पंवार जोधपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

दिव्या मदेरणा

कांग्रेस से दिव्या मदेरणा ओसियां विधानसभा क्षेत्र से विधायक है।

मंजु देवी

कांग्रेस की मंजु देवी जायल विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।

सफिया जुबेर

कांग्रेस से सफिया जुबेर अलवर के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक है।      

निर्मला सहारिया

कांग्रेस से निर्मला सहारिया किशनगंज सीट से विधायक है।

शोभा चौहान

भाजपा से शोभा चौहान सोजत सीट से विधायक है।

साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में महिला विधायकों की संख्या 28 थी। जो 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में गिरकर 24 ही रह गई। भले ही राजनैतिक पार्टियां महिलाओं की राजनीति में भागीदारी बढ़ाने की बात करती हो पर ये आंकड़े इस बात की पुष्टि नहीं करते।