खास खबर राजस्थान 03 फरवरी 2019



लोकसभा चुनाव से पहले राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सबसे बड़ा दांव चलते हुए बेरोजगार लोगों को 3500 रूपए बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा की है। कल राजस्थान में विश्वविद्यालय में छात्रसंघ कार्यालय उद्घाटन के दौरान अशोक गहलोत ने कहा कि 1 मार्च से बेरोजगार लोगों को 3500 रूपये भत्ता दिया जाएगा।

अशोक गहलोत ने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि सत्ता में आने के बाद सभी बेरोजगारों को 3500 रूपये बेरोजगारी भत्ता देंगे। कल 1 फरवरी है और कल से आप गिनना शुरू कर दीजिए और 1 मार्च से हम सभी बेरोजगारों को 2 साल तक 3500 रूपए बेरोजगारी भत्ता दोंगे। पहले बेरोजगारी भत्ता 600 रूपये मिलता था जिसकी शुरूआत भी मैंने ही की थी जिसे अब बढ़ाकर 3500 रूपये किया जाएगा। लड़कों को 3 हजार और लड़कियों को 3500 रूपये बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा। 

विधानसभा चुनाव से पहले सत्ता में आने पर बरोजगारों को भत्ता दिए जाने की घोषण के बाद पिछले 3 महीनों में करीब 4 लाख युवाओं ने रोजगार के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन करवाया है जबकि राजस्थान में कुल 10.64 लाख पंजीकृत बेराजगार है। जिसमें 1 लाख स्नातक पंजीकृत बेरोजगार है। ऐसे में राजस्थान सरकार को हर महीने बेरोजगारी भत्ते के लिए 372 करोड़ रूपये की जरूरत होगी।

इनको मिलेगा लाभ

एक परिवार से दो सदस्यों को वेतन भत्ता मिलेगा। एक बेरोजगार को अधिकतम 2 वर्ष तक लाभ मिलेगा। इसमें युवकों को 72000 हजार और युवतियों को 84 हजार का अधिकतम लाभ मिलेगा। जिस परिवार की वार्षिक आय 2 लाख रूपए तक है वही बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। राजस्थान में बेराजगारी भत्ता योजना 2012 के तहत रोजगार विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने की व्यवस्था यथावत रहेगी।

इन दस्तावेजों का होना जरूरी
बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातक होना जरूरी है। इसके लिए जिला प्रशानस से जारी मूल निवास प्रमाण पत्र जारी होना आवश्यक है। बेरोजगारी भत्ता पाने के लिए आधार कार्ड, बैंक खाते दस्तावेज तथा घोषणा पत्र का होना जरूरी है। इसमें स्वरोजगार न होने के शपथ पत्र लगेगें। दस्तावेज फर्जी होने पर कार्यवाही की जाएंगी।राजनीति के जादूगर कहे जाने वाले अशोक गहलोत ने ठीक लोकसभा चुनावों से पहले यह बड़ा दांव खेला है। देखना यह होगा कि लोकसभा चुनाव में उनका ये दांव कितना असरकार होगा।

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