यात्रियों को मिलेगी ट्रेन की टाइिमंग और बुक बर्थ की सटीक जानकारी

इंजन की छत पर एंटिना लगेगा

बीकानेर. ट्रेनें कितनी लेट हैं, आज कितनी टिकटें बुक हुई हैं। माल भाड़े से कितनी कमाई हुई है। रेलवे के किस प्रोजेक्ट में क्या चल रहा है। ये तमाम जानकारियां अब रेलमंत्री और बड़े अधिकारियों के अलावा मुसाफिरों को भी मिल सकेगी। इसरो की नई तकनीक से आप फोन या कंप्यूटर में भी ट्रेन को लोकेट कर पाएंगे। रेलवे बोर्ड के आदेश पर बीकानेर मंडल ने यात्रियों को ट्रेन की सही व सटीक जानकारी पहुंचाने के लिए नए प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। मार्च से पहले इसे शुरू करने के लिए पाबंद किया गया है।

रेलवे बोर्ड के मुताबिक, भारतीय रेल ने ट्रेनों की जीपीएस से मॉनिटरिंग शुरू कर दी है। रेलवे इसरो के सैटेलाइट की मदद से ये काम कर रहा है। दरअसल ये जीपीएस की तरह एक भारतीय तकनीक है, जिसे रियल टाइम इंफॉर्मेशन सिस्टम नाम दिया गया है। इस सिस्टम के तहत सबसे पहले ट्रेन के इंजन में एक डिवाइस लगाया जाएगा। इंजन की छत पर एंटिना लगेगा।

डीआरएम बोले… बीकानेर मंडल में मार्च से पहले शुरू होगी नई व्यवस्था

बीकानेर मंडल में रियल टाइम इंफॉर्मेशन सिस्टम मार्च से पहले शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए इंजन में जीपीएस व छत पर एंटीना लगाए जाएंगे। रेलवे इसरो के सेटेलाइट की मदद से यह काम कर रहा है। नई व्यवस्था के शुरू होते ही यात्रियों को ट्रेनों की लेटलतीफी व सीटों की पोजिशन संबंधी सटीक जानकारी मिलेगी। एके दुबे, डीआरएम, बीकानेर मंडल।

अभी फोन से लेते हैं ट्रेन की लोकेशन

रेलवे में अभी तक ये काम मैनुअली होता है। हर स्टेशन से फोन पर बात कर ट्रेन के लोकेशन की जानकारी लेकर सिस्टम में डाली जाती है। लेकिन अब रेलवे ने 2700 इंजन को इस सिस्टम से जोड़ने का प्लान बनाया है। इसके तहत सबसे पहले राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और फिर मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को जोड़ा जाएगा। रेलवे ने ई दृष्टि नाम का एक एप्प भी तैयार किया है जो भारतीय रेल के बारे में सारी जानकारी रियल टाइम पर देता है। 

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