अपराध / बालिका का दुष्कर्म करने वाले शिक्षक को आजीवन कारावास, गर्भपात करने वाली डॉक्टर को भी तीन साल की सजा

खास खबर राजस्थान 01फरवरी 2019

जोधपुर. जिले के शेरगढ़ क्षेत्र में अपनी स्कूल में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा के साथ डरा धमका कर दुष्कर्म करने और बाद में गर्भपात कराने के मामले में विशिष्ट न्यायालय लैंगिक अपराध जोधपुर जिला ने शुक्रवार को आरोपी शिक्षक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं इस मामले में पीड़िता का गर्भपात करने वाली डॉक्टर को भी तीन साल कारावास की सजा सुनाई।

पीड़िता के वकील किशन लाल गेंवा ने बताया कि वर्ष में 20213 में शेरगढ़ क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली बारह वर्षीय एक बालिका के साथ उसके शिक्षक हरसीलाल मीणा ने डरा-धमका कर कई बार दुष्कर्म किया। इस कारण बालिका गर्भवती हो गई। इसके बाद शिक्षक मीणा बालिका को गर्भपात कराने के लिए बालोतरा ले गया।

बालोतरा में डॉ. सरोज पालीवाल ने उसका गर्भपात कराया। इस दौरान बालिका की तबीयत बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर आरोपी शिक्षक वहां से भाग निकला। बाद में सूचना मिलने पर शेरगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और बीमार बालिका का जोधपुर में इलाज कराया। पीड़िता के पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी शिक्षक को फरवरी 2013 में गिरफ्तार किया। कोर्ट में आरोपी शिक्षक और गर्भपात करने वाली सरोज पालीवाल के खिलाफ चालान पेश किया।

कोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद इस मामले में मुख्य व सह आरोपियों के खिलाप कड़ी टिप्पणी करते हुए दोनों को सजा सुना दी। आरोपी शिक्षक हरसीलाल मीणा को आजीवन कारावास और 10 हजार के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। साथ ही सह आरोपी गर्भपात करने वाली डॉ. सरोज पालीवाल को भी 3 साल की सजा के आदेश दिए।

Advertisements